अपनी दुकान में भारत में बने उत्पादों को जगह दें। पहले स्थानीय और भारतीय ब्रांड चुनें और ग्राहकों को इसका महत्व बताएँ।
02
मेक इन इंडिया को बढ़ावा दें
घरेलू निर्माताओं और MSME के साथ खड़े हों। छत्तीसगढ़ के उत्पादकों को व्यापारियों से जोड़ें ताकि अच्छे उत्पाद अधिक दुकानों तक पहुँचें।
03
व्यापार और निर्यात बढ़ाएँ
स्थानीय व्यापारियों और उत्पादकों को जिले से आगे देखने में मदद करें: देश-विदेश के नए बाजार, बेहतर गुणवत्ता और उचित दाम।
04
रोजगार और विकास के अवसर
मजबूत स्थानीय व्यापार और उत्पादन युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार बनाते हैं और राज्य व देश की तरक्की को गति देते हैं।
05
आत्मनिर्भर भारत की ओर
आयात पर निर्भरता घटाएँ, स्थानीय मूल्य श्रृंखला बनाएँ और स्वदेशी पर गर्व करें: कदम-दर-कदम आत्मनिर्भर भारत की ओर।
पारित राष्ट्रीय प्रस्ताव
1
भारत में काम कर रहे विदेशी प्लेटफ़ॉर्म के नियमन के लिए ई-कॉमर्स नीति का तत्काल लागू होना।
2
छह माह के भीतर राष्ट्रीय ऑनलाइन व्यापार नियामक बोर्ड का गठन।
3
₹500 करोड़ के कोष के साथ स्वदेशी कोष की स्थापना।
4
सभी 28 राज्यों के हर तहसील और कस्बे तक स्वदेशी व्यापारी मंच का विस्तार।
5
MSME मंत्रालय के अंतर्गत छोटे व्यवसायों के लिए ट्रेड क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत।
6
भारतीय ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर बिकने वाले सभी उत्पादों के लिए स्वदेशी लेबलिंग अनिवार्य।
7
फेरीवालों के उत्पीड़न पर पूर्ण रोक और राष्ट्रीय फेरीवाला संरक्षण नीति लागू करना।
8
₹40 लाख वार्षिक से कम टर्नओवर वाले सूक्ष्म उद्यमों के लिए विशेष जीएसटी स्लैब।
मांगें और प्रस्ताव स्वदेशी व्यापारी मंच द्वारा प्रकाशित अनुसार।
सामान्य प्रश्न
स्वदेशी व्यापारी मंच ई-कॉमर्स नियमन की मांग क्यों करता है?
विदेशी ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म अक्सर शिकारी मूल्य निर्धारण, अत्यधिक छूट और चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीह देते हैं, जो भारत के 8 करोड़ छोटे व्यापारियों और MSME को सीधे नुकसान पहुँचाता है। सख्त नियमन से सभी को समान अवसर मिलेगा।
स्वदेशी कोष क्या है?
स्वदेशी कोष एक प्रस्तावित कोष है, जो जमीनी अभियानों को समर्थन देगा, छोटे व्यापारियों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाने में मदद करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारी अधिकारों की कानूनी पैरवी में सहयोग करेगा।
प्रस्तावित ऑनलाइन व्यापार नियामक बोर्ड क्या है?
भारत में डिजिटल वाणिज्य के लिए एक समर्पित नियामक प्राधिकरण, जो FDI अनुपालन सुनिश्चित करे, एकाधिकारवादी प्रथाओं को रोके और घरेलू व्यापारियों को विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाए।
व्यापार कल्याण की मांग में क्या शामिल है?
इसमें छोटे व्यवसायों के लिए समर्पित ट्रेड क्रेडिट कार्ड योजना, व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा और बीमा, फेरीवालों और रेहड़ी-पटरी वालों को कानूनी संरक्षण और MSME के लिए जीएसटी सरलीकरण शामिल है।